भाजपा का कल से शुरू होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि ३० जनवरी तक चलने वाला ग्राम स्वराज अभियान सफल रहा तो प्रदेश के हर गांव की जिम्मेदारी पाटी का एक कार्यकर्ता संभाले नजर आएगा। इसके लिए पार्टी ने पूरे प्रदेश में ६० हजार कार्यकताओं के चयन की योजना बनाई है। ये कार्यकर्ता संबंधित गांव में न सिर्फ संगठन के सेतु के रूप में काम करेंगे, बल्कि सरकारी योजनाओं का फीडबैक भी संगठन को पहुंचाएंगे। जिसके आधार पर सरकारी मशीनरी के फीडबैंक की सच्चाई परखी जाएगी। इस योजना के तहत जिम्मेदारी संभालने वाला कार्यकर्ता उस गांव का न होकर अन्य स्थान का होगा। वे भाजपा के सातों मोर्चा के मंडल से ऊपर के पदाधिकारी या पूर्व पदाधिकारी होंगें। इन्हें प्रत्येक सत्ताह संबंधित गांवों में जाकर वहां पार्टी के स्थानीय लोगों के बैठक करके संगठनात्मक और सरकारी योजनाओं का फीडबैंक लेना होगा। स्थानीय स्तर पर सागंठनिक कार्यों के विस्तार में आने वाली समस्याओं के समाधान के साथ विपक्षी खेमे के प्रभावी नेताओं से भी संपर्क कर भाजपा के 'सपा-बसपा मुक्त 'बूथ' अभियान का भी आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। अगर कहीं किसी को सरकारी योजना का लाभ मिलने में कठिनाई है तो उसकी मदद भी करेंगे। १० हजार गांवो में स्वराज अभियान आज से प्रयोग के तौर पर यह अभियान १० हजार गांवो में शुरू हो जाएगा। इसके लिए चयनित १० हजार कार्यकताओं को प्रशिक्षण का काम दिया जा चुका है। प्रशिक्षण का काम पूरा हो गया। ये उन गांवों की जिम्मेदारी संभाल लेंगे, जहां की इन्हें जिम्मेदारी मिली है। अभियान को सफल बनाएं कार्यकर्ताः स्वतंत्र देव प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पहले चरण के लिए नियुक्त कार्यकताओ से गांवो में सतत संपर्क व संवाद कर अभिायान को सफल बनाने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ सरकार बनाना नहीं, बल्कि गरीबो और दुखी लोगों के चेहरे पर हंसी लाना भी है। इसलिए कोशिश है कि पार्टी कार्यकर्ता एक-एक व्यक्ति तक पहुंचे। ३० जनवरी को गांवो में सम्मेलन ये कार्यकर्ता संबंधित गांवो में बूथ समिति के सदस्यों के साथ बैठक करके उसकी सच्चाई समझेंगे और बूथ समितियों की सक्रियता की थाह लेने की कोशिश करेंगे। गांव के प्रभावी और प्रबुद्ध व्यक्तियों से संपर्क कर उन्हें भाजपा से जोड़ने की कोशिश करेंगे।
भाजपा की तैयारी, एक कार्यकर्ता को एक गांव की जिम्मेदारी