अगर आपकी ज़मीन उत्तराखं के पहाड़ों में है तो आपके लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है. जापान की कंपनी 'सोमित्सु हितोमो जो ऑर्गेनिक खेती में एक जाना माना नाम है, उत्तराखं के पहाड़ों में जैविक खेती के लिए करोड़ों पैसा लगाएगी. आपको बता दें कि जापान एक छोटा सा देश है जहां के नागरिक अपने स्वास्थ्य के प्रति बहत सक्रिय रहते हैं और खान-पान पर खासा ध्यान देते हैं. ऐसे में छोटे देश में अधिक आबादी होने के कारण कृषि भूमि की काफी कमी है, जिसके लिए वहां की कंपनी उत्तराखं हें करोड़ों इन्वेस्ट करेगी. जापानी कंपनी क्यों लगा रही है पैसा? उत्तराखं हें हज़ारों हेक्टेयर भूमि यूं ही बं पड़ी है जिसका मुख्य कारण यहां के लोगों का पहाड़ों से पलायन करना है. उत्तराखं की जलवायु अति संवेदनशील है जो ऑर्गेनिक खेती के लिए बहुत उपजाऊ है. कंपनी द्वारा उत्तराखं को चुनने का एक मुख्य कारण यहां उद्योगों का कम होना और प्रदुषण की कमी होना भी है. कंपनी का कहना है कि उत्तराखं हें उनके जरुरत अनुसार पर्या तप्भूमि है और जलवायु है
. क्या है योजना ?
कंपनी का कहना है कि वो गां की पं यतों से बड़े पैमाने पर भूमि लीज पर लेगी, जिसका पैसा स्थानीय पं यतों के द्वारा भूमि के हिसाब से लोगों को मिलेगा. इसमें सरकार की क्या भागीदारी होगी. इससे संबधिकोई स्पष्ट खबर फिलहाल नहीं हैं लेकिन इस योजना से उत्तराखं की आर्थिक स्थिति जरुर सुधरने वाली है. इससे क्या प्रभाव पड़ेगा ? - अगर ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर यहां गावों में रहने वाली आबादी पर पड़ेगा, जिनको न सिर्फ रोजगार मिलेगा साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी. - रोजगार मिलने पर इसका सीधा असर पलायन पर पड़ेगा. उत्तराखं वे भारी मात्रा में लोग शहरों में जा बसे हैं और इसे रोकने में उत्तराखं की सरकार भी नाकामयाब रही. - बं जमड़ी भूमि होगी आबाद. क्या आ सकती हैं दिक्कतें ? बता दें कि उत्तराखं हें पहाड़ों से हज़ारों लोग पलायन कर दिल्ली, देहरादून और नोएडा जैसे - बड़े शहरों में रह रहे हैं. इन सभी परिवारों के गां में कई पुश्तैनी खेत हैं जो अब भी बं पड़े हैं, ऐसे में लोगों से सं करना और उनके खेतों को लीज पर देने के लिए उन्हें मनाना एक कठिन कार्य होगा.